Monday, August 24, 2026

Impulses--679-- "विचार की पांच अवस्थाएं"

 "विचार की पांच अवस्थाएं"

 

"ईश्वर" का विचार हमें 'निर्विचार' अवस्था प्रदान करता है,


"ईश्वर" का 'आभास' हमें 'अविचार' स्थिति में पहुंचा देता है,

 

"ईश्वर" का 'सानिग्ध्यय' हमें 'विचार रहित समाधि' में प्रवेश दिला देता है,

 

"ईश्वर" में समाने के उपरांत हर प्रकार के विचारों का पूर्णतया अभाव हो जाता है,


और "ईश्वर" से पूर्ण 'ऐकारिता' अनेको प्रकार के कल्याण कारी विचारों को उत्पन्न करती है।"🙏😌️🌹


------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"




24-08-2022

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