Thursday, August 20, 2026

Impulses--678--"सत्यभिव्यक्ति"

 "सत्यभिव्यक्ति"


"मूरख सदा मूरख रहे धूरत को सच मान,

 

जो भीड़ जुटाये जन-धन लूटे बनकर मानव महान,

 

लोक,लुभावन सपनों से मोहित होता 'अज्ञान',

 

आंख खुले तो बहुत पछतावे जब होवे सत का भान,

 

मनसा, वाचा, कर्मणा जब हो एक समान,

 

तब ही जाकर होता है विश्व व्यापी कल्यान।"🙏️🌹

-------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"






16-08-2022

Tuesday, August 18, 2026

Impulses--677--"Religious Practices Hardly Leads To Truth"

 "Religious Practices Hardly Leads To Truth"


"All kinds of Religious Practices are done out off Fear/Demand/ Greed/Rituals/Tradition/Show Offs only.

 

Nobody can get any kind of actual benefit except Mental Satisfaction by doing all such things.


Because "God" Recognizes Compassionate/Loving/Innocent

/Unbiased/Simple/Honest and Good Hearted People only.

 

Who use to have True Love for Humanity and "His" Creation without discrimination.

 

"He" Accepts all Aesthetic Wishes and Desires of such people for the Benevolence of the whole Globe as their 'Pujas'."🙏😌️🌹

--------------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"



03-08-202

Sunday, August 16, 2026

Impulses--676--"क्या हम अपने घरों पर तिरंगा फहराने के अधिकारी हैं" ?

"क्या हम अपने घरों पर तिरंगा फहराने के अधिकारी हैं" ?


"क्या हम भारत के आम नागरिक स्वाधीनता दिवस के शुभावसर पर अपने अपने घरों/'स्थानों' पर 'भारत की शान' 'तिरंगे' को फहराने के वास्तव में अधिकारी हैं ?

 

यकीनन हम साधारण नागरिक भी सेना/पुलिस के परिसरों/सरकारी प्रतिष्ठानों/स्कूलों/सार्वजनिक स्थलों आदि के अतिरिक्त 'तिरंगे' को फहरा सकते हैं,यदि,


1.हमने/हमारे किसी परिजन ने देश/देशवासियों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की बाजी लगा कर देश/देश के नागरिकों की रक्षा की हो।

 

2.हमारे किसी परिवार के सदस्य ने देश की/देश वासियों की रक्षा की खातिर अपने प्राणों की आहुति दी हो।

 

3.हमने/परिवार के किसी सदस्य ने देश के संविधान/देश के लोकतंत्र को बचाये रखने के लिए अपना कोई उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

 

4.हमने/हमारे किसी परिवार के सदस्य ने अपने किन्हीं सद-कार्यों से देश का नाम रौशन किया हो।

 

5.हमने/हमारे परिवार के किसी सदस्य ने देश की अखंडता/आपसी सौहार्द/ प्रेम/संस्कृति/सम्मान को बनाये रखने के लिए जाति/वर्ण/धर्म/स्वर्ण-दलित/अमीर-गरीब/पद/समाजिक-स्तर आदि का विचार किये बगैर,बिना किसी भी प्रकार के भेदभाव को माने सभी के लिए समान रूप से कार्य किये हों।

 

6.हमने/हमारे परिवार के किसी भी सदस्य ने सर्व साधारण मानवों की आंतरिक जागृति/चेतना स्तर को उन्नत करने के लिए पूर्ण निस्वार्थ भाव से कार्य किया हो।

 

7.हमने/हमारे परिवार के किसी सदस्य ने पूर्ण निष्ठा,लगन,उत्साह व ईमानदारी के साथ किसी भी रूप में देश सेवा की हो।

 

हमारा यह 'तिरंगा' शहीदों के खून से सींचा हुआ है,जो देश/देश के नागरिकों की भिन्नता/स्वतंत्रता का जीवंत प्रतीक है,यह वास्तव में हमारे देश की 'आत्मा' का साकार रूप ही है।

 

हमें इसके अस्तित्व का हर हाल में पूरी शिद्दत के साथ सम्मान करना चाहिए।ह किसी भी राजनैतिक दल की महत्वाकांशाओं को पूरा करने का साधन नहीं है।"🙏😌️🌹

-----------------------------Narayan 

"Jai Shree Mata Ji"




13-08-2022