Monday, January 3, 2011

Self Realization Prog.by Varsha Pradhan at Basti, U.P on 02.01.11 & press release

 "Shree Maa" is giving self Realization through Varsha






























































प्रदेश :-उत्तर प्रदेश सिटी :-बस्ती अमर उजाला ब्यूरो



योग से फिट रहने के सिखाए गए गुर

Story Update : Monday, January 03, 2011 1:30 AM

योग से घातक बीमारियों छोड़ देती हैं साथः श्रीवास्तव
योग से मानसिक, भावनात्मक समस्याओं का निपटाराः वर्षा
गौरीदत्त धर्मशाला में सहज योग परिवार का नववर्ष मिलन समारोह

बस्ती। सहज योग परिवार की अगुवाई में जन कार्यक्रम एवं नव वर्ष मिलन समारोह में योग के जरिए फिट रहने के गुर सिखाए गए। योग में महिला और पुरुषों की अच्छी भागीदारी रही।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला समन्वयक डा.एसके श्रीवास्तव ने की। कहा सहज योग से ही जागृति संभव है। सहयोग से हम परमात्मा के साम्राज्य में आ जाते हैं। इस भौतिक व दैवीय लोक की संपूर्ण परिस्थितियां हमारे अनुकूल होती हैं। काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार जैसा सांसारिक व्याधियाें पर हमारी विजय होने लगती है। साथ ही घात बीमारियों से मुक्ति मिल जाती है। वाराणसी से आई वर्षा प्रधान ने कहा कि आत्म साक्षात्कार के बारे में बताया। उपस्थित लोगों से कहा कि सहज योग परमात्मा को पहचानने एवं महसूस करने का सरल तरीका है। कुंडलिनी सभी मानसिक एवं भावनात्मक समस्याओं का निवारण करती है। सभी प्रकार के भयाक्रांत, डिप्रेशन, आत्मबल की कमी और मानसिक अशांति से छुटकारा मिल जाता है। उन्होंने कहा कि सहज योग ध्यान एवं चिंतन की शक्ति के माध्यम से शरीर के रोगों को दूर करने का उपाय बताया गया। इसके उपरांत विभिन्न कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
इस अवसर पर संजय प्रधान, आरसीएल श्रीवास्तव, कर्नल केसी मिश्र, किरन बाला श्रीवास्तव, सुमन, डा. एनके सिंह गौतम, राम कृपाल, अशोक, अतुल श्रीवास्तव, लल्लन प्रसाद, बबुंदर यादव मौजूद रहे।





दैनिक जागरण




सहजयोग से दूर होते हैं विकार
Jan 02, 09:54 pm

बस्ती: सहजयोग द्वारा हम परमात्मा के करीब पहुंच सकते हैं। काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार जैसी व्याधियां जब हमारे ऊपर हाबी होने लगें तो निर्मला देवी का ध्यान करना चाहिए। माता की कृपा से सहज योग के माध्यम से अपने अंदर की उर्जा को जागृत किया जा सकता है। तथा विकारों पर विजय प्राप्त की जा सकती है।
यह बातें रविवार को सहजयोग परिवार की जनपदीय इकाई द्वारा गौरीदत्त धर्मशाला में आयोजित सहजयोग जन कार्यक्रम में वाराणसी से आई वर्षा प्रधान ने कही। कहा कि परमात्मा को प्राप्त करने का सबसे आसान तरीका सहयोग ही है। इसके माध्यम से अपने अंदर के विकारों पर विजय पाई जा सकती हैं। तथा कई प्रकार के रोगों पर भी काबू पाया जा सकता है। गृह कलह के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि यह समस्या आम होती जा रही है। इसको समाप्त करने के लिए भी सहजयोग अचूक औषधि है। ध्यान एवं चिन्तन के माध्यम से चित को शांत किया जा सकता है। कार्यक्रम में कुण्डिली जागरण का भी तरीका बताया गया।
संचालन जिला कोआर्डिनेटर डा.एस.के. श्रीवास्तव ने किया। तथा आगन्तुकों के प्रति आभार प्रदर्शन किया। समारोह में संजय प्रधान, संगीता राय, उर्मिला, रेनुका त्रिपाठी, उमेश त्रिपाठी, इआरसीएल श्रीवास्तव, कर्नल केसी मिश्र, किरन बाला श्रीवास्तव, सुमन, डा.एनके सिंह गौजम, राम कृपाल, अशोक, अतुल श्रीवास्तव, लल्लन प्रसाद एवं बबुन्दर यादव समेत तमाम लोग मौजूद रहे।



Saturday, January 1, 2011

अनुभूति ---29 "हैप्पी न्यू एरा"

"हैप्पी न्यू एरा"

लम्हा-लम्हा गुजरता है, ही वक्त गुजर पाता है,
जब "मल्लिका--कायनात"(आदि शक्ति) के अहसास को'
जिस्म का कतरा-कतरा बूझता है,

तब सांसें भी रुक-रुक कर आतीं हैं,
"आलम--लाहूत"(सहस्त्रार) से दिल तक ,
इक खिंचावट सी आती है,

ख्यालों की झड़ी कुछ थम सी जाती है,
आती-जाती हर साँस, हर घडी, हर पल को,
मुबारक कहती जाती है,

चित्त के इशारे से ही, सहस्त्रार की धारा,
सबके दिलों में समाती है,
सदियों से इन्तजार करती,
हम सबकी "माँ कुण्डलिनी को उठाती है,

जो "माँ आदि" के निर्मल अवतरण को,
सार्थक बनाती है,

समस्त देवों, गणों, शक्तियों,सदगुरुओं,संतों,
की टोली जयकारे लगाती है,

इस ब्रह्माण्ड के कोने-कोने से सदा,
हैप्पी न्यू एरा की आवाज आती है

"जय श्री माता जी"

अपने समस्त सहज साथियों समस्त निर्मल चेतनाओं को नव वर्ष २०११ के शुभारम्भ पर हार्दिक बधाई प्रेषित करता हूँ परमात्मा से प्रार्थना करता हूँ कि "परम पिता परमेश्वर आप सभी को अपना प्रेम आशीर्वाद आजीवन प्रदान करते रहें जाग्रति के इस निर्मल कार्य में आप सबको भागीदारी प्रदान करतें रहें -------नारायण