Friday, May 20, 2022

"Impulses"--604-- 'विचारों के तीन मुख्य स्रोत"

 'विचारों के तीन मुख्य स्रोत"

 

"हम सभी को मुख्यत: तीन स्थानों से विचार आते हैं,

i) सर्वप्रथम मन से, जो केवल पूर्व घटनाओं कि स्मृतियों पर ही आधारित होते हैं व् मन सदा पुराने अनुभवों के आधार पर ही अपने भाव प्रगट करता है,

ii) दूसरे, दिमाग से आते हैं, दिमाग सदा तूलनात्मक आधार पर हमें अपने विकल्प देता है, अमूमन दो तीन विकल्प जरूर देता है,

iii) तीसरा स्थान है हृदय,इसकी यह विशेषता है कि यह सदा सत्य को ग्रहण करता है और एक ही रास्ता बताता है जिसका कोई भी विकल्प नहीं होता और न ही कोई पूर्व इतिहास होता है।

*जब हमारे हृदय से विचार आता है तो हमारे भीतर आत्मविश्वास,दृढ़ता व आनंद का अनुभव होता है, इसीलिए सुनो सबकी करो अपने हृदय की।"*

---------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"


19-01-2021

Monday, May 16, 2022

Friday, May 13, 2022

"Impulses"--603--"सदमानव का अहित असंभव"

 "सदमानव का अहित असंभव"

 

"यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई व्यक्ति छल/धोखे के द्वारा कुछ सम्पत्ति/धन हड़प लेता है तो यह माना जाता है कि छले गए/धोखा खाये व्यक्ति ने अपने पूर्व जन्मों में जरूर ऐसा कुछ किया होगा जिसका परिणाम यह मिला है।

वास्तव में यह अवधारणा कुछ ही हद तक सही है, क्योंकि यह सिद्धांत केवल बेईमानी करने वाले लोगों पर ही लागू होता है ईमानदार शख्सियतों पर यह धारणा सही नहीं उतरती।

*यदि किसी ईमानदार व सत्य आचरण करने वाले इंसान को यदि कोई किसी भी प्रकार की हानि पहुंचाता है तो हानि पहुंचाने वाला ही अपने स्वयं के पावों में ही कुल्हाड़ी मारता है।*

*क्योंकि अच्छे मानव को यदि किसी की बेईमानी के कारण किसी भी प्रकार का नुकसान होता है तो उसकी भरपाई 'स्वयं' "ईश्वर" किसी न किसी रूप में अवश्य कर देते हैं।*

किन्तु जिसने भी किसी भी दुर्भावना से वशीभूत होकर किसी भी अच्छे व सच्चे मनुष्य को हानि पहुंचाई है तो उसे 'प्रकृति' के द्वारा भरपूर सजा मिलती है।"

-------------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"


16-01-2021

Saturday, May 7, 2022

"Impulses"--602--"दोहांजलि"

 "दोहांजलि"  


"साधू, 'संगति' जानिए,

लोभ, जानिए 'संसार',


साधक, 'साधना' जानिए,

ज्ञान, जानिए 'परिहार',


'ध्यान', 'निर्विचार' जानिए,

'निर्विकल्प', जानिए "करतार",


सेवक, 'सेवा' जानिए,

समर्पित, जानिए 'निरहंकार',


सत्य, 'सादगी' जानिए,

असत्य, जानिए अति-श्रृंगार,


षड्यंत्र 'कायर' जानिए,

अधर्मी, जानिए 'अनाचार',


पाखंड, 'ठोंगी' जानिए,

लम्पट, जानिए 'स्वांग',


राजा, करुण जानिए,

क्रूर, जानिए 'शैतान'।"


-------------------------------------Narayan

"Jai Shree Mata Ji"


09-01-2021